janumanu
10-11-2008, 07:25 AM
हाथ मिलाये मुझसे गले मिला न करे
बाबजूद इसके भी दिल गिला न करे
बो सिला देते है यहाँ भलाई का लोग
की भला आदमी फिर कभी भला न करे
रोज रोज ही टूट जाते है खाब मेरे
उससे कहो नींद मे आंखे मला न करे
उसने चूम के सुनहरा कर दिया मुझे
अब तो धूप भी मुझे सांवला न करे
अब तो मुझसे बर्दाश्त ही नहीं होता
कोइ दोस्त बिना बात छला न करे
हमने रूहों को तहलील कर लिया दोस्तों
गर खुदा चाहे भी तो फासला न करे
सुना लकडियाँ कम हो गयी जंगल में
कहा गरीब के घर चूल्हा जला न करे
बाबजूद इसके भी दिल गिला न करे
बो सिला देते है यहाँ भलाई का लोग
की भला आदमी फिर कभी भला न करे
रोज रोज ही टूट जाते है खाब मेरे
उससे कहो नींद मे आंखे मला न करे
उसने चूम के सुनहरा कर दिया मुझे
अब तो धूप भी मुझे सांवला न करे
अब तो मुझसे बर्दाश्त ही नहीं होता
कोइ दोस्त बिना बात छला न करे
हमने रूहों को तहलील कर लिया दोस्तों
गर खुदा चाहे भी तो फासला न करे
सुना लकडियाँ कम हो गयी जंगल में
कहा गरीब के घर चूल्हा जला न करे